मनोरंजन
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किताब के पन्ने -भूपेश प्रताप सिंह
एक दूसरे से सटे अलग-अलग विचारों में बँटे बिना किसी संकोच के अमूर्त रूप में बतियाते रहते हैं किताब के…
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ग़ज़ल – रीता गुलाटी
चलो जिंंदगी को हसीं हम बना दे। खुशी से रहे घर को जन्नत बना दे। न सोचो कभी तुम…
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मेरे लिए – रश्मि मृदुलिका
आज पांव नहीं थके, आज पलकें थकी है रात भर ख़्यालों में, ये तुम्हारे संग जगी है…! तन्हा पहले भी…
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हिंदी कविता – रेखा मित्तल
शाँत गम्भीर-सी यह झील मुझे रोज नई दिखाई देती हैं सुबह की ताजगी लिए लालिमा लिए सिंदूरी-सी झील में झाँकता …
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कुहासे को चीरता गीत संग्रह ‘भर दो प्यार वतन में’ – सुधीर श्रीवास्तव
utkarshexpress.com – मेरा मानना है कि मानव भाषा विकास के साथ ही गीत का जन्म हुआ होगा। गीत संप्रेषण की…
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स्मृतियों में उजाला बनकर सदैव जीवंत रहेंगे धर्मेन्द्र – विवेक रंजन श्रीवास्तव
utkarshexpress.com मुंबई – धर्मेन्द्र के जाने की खबर सुनते ही हम सब के मन पर जैसे एक पुरानी रोशनी बुझने…
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पुरुष दिवस – सुनील गुप्ता
पुरुष दिवस हो पौरुषत्व भरा, महके दिन !!1!! हो मर्दानगी हर एक कर्म में, मुस्काए मन !!2!! है…
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भर मुझे भुजबंध सत्वर – अनुराधा पाण्डेय
क्यों भला आबद्ध हों प्रिय !शब्द बोझिल लेखनी में? आ मुझे हृद से लगा ले, है सहज यदि नेह कविवर…
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आसियाना हमारा – अनिरुद्ध कुमार
खुदी का जहाँ को इशारा यही है, रहो प्यार से मिल किनारा यही है। जमीं आसमां के तलें हो…
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बाल मनोभावों का संग्रह ‘बाल वाटिका’ – सुधीर श्रीवास्तव
utkarshexpress.com – वरिष्ठ कवयित्री/सेवानिवृत्त शिक्षिका डा. पूर्णिमा पाण्डेय ‘पूर्णा’ का ‘पूर्णिमांजलि’ और ‘पूर्णिमा भाव वीथिका’ के बाद बाल वाटिका पाठ…
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