मनोरंजन
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एहसास – ज्योति श्रीवास्तव
साफ़ यमुना नदी के करो धार को कह रही है ये जनता भी सरकार को कर सके सब महा पर्व…
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छठ पर्व- कर्नल प्रवीण त्रिपाठी
ध्यान करके सूर्य का छठ मातु को मस्तक नवाएं। चार दिन इस पर्व के अंतस मुदित सबके कराएं। श्री दिवाकर…
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भोजपुरी छठ युगल गीत – श्याम कुंवर भारती
नायिका _ कहवा से ले अइबा सईया मटिया के कलसवा। होला बड़ा अरघीया के हो बेर। कहवा से ले अइबा…
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ग़ज़ल – रीता गुलाटी
मिले प्यार हमको चलो हमनवां दे। रहे साथ मिलकर चलो अब वफा दे। नही आज कीमत असासा की घर…
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तुम थे ना – मीरा पाण्डेय
अधखुले मेरे गेसू . और वो मखमली स्पर्श सा अहसास . वो तुम थे ना . .. अधखुले अधर .…
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गीत – जसवीर सिंह हलधर
तुम चाहे मानो मत मानो ,पर मेरा विश्वास अटल है । मज़हब अगर नहीं होते तो ,रूप जगत का न्यारा…
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भोजपुरी छठ गीत – श्याम कुंवर भारती
नहाए खाय कईली छठ बरतिया मनसा पूरण होई सब हमार। कुछ न बुझाए भईली हम बरतिया माफ करीहा छठी मईया…
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मेरी कलम से – डा० क्षमा कौशिक
सुख छलिया ही रहा …. सदा रहा न साथ दुख भी थोड़े समय का नही रहेगा साथ, पतझर भी रहता…
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सून–सुना – प्रदीप सहारे
धनतेरस के दिन, मैंने लक्ष्मी माँ से, “गुलाम” फ़िल्म के गुलाम की तरह पूछा — “लक्ष्मी माँ, सून…” वह बोली…
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गीतिका – मधु शुक्ला
सुख दुख मिलकर जहाँ बाँटते, कहलाता परिवार। प्रीत परस्पर त्याग भाव ही, जीने का आधार। जीवन पथ के…
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