मनोरंजन
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जेठ माह के प्रथम बड़े मंगल – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी
जन्म लिया तिथि पूनम को अति पावन है शुभ चैत्र महीना। मारुत के गृह थे जनमे बजरंग समान न और…
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खेल चल रहा है – ममता सिंह राठौर
खेल चल रहा था, फूल और कांटों का मेल चल रहा था सन्नाटें में शोर चल रहा था, मन…
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कुशल – जया भराड़े बड़ोदकर
utkarshexpress.com – गांव का लड़का है वह स्कूल जाना चाहता है पर घर में पिताजी चाचा जी खेती कर ने…
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छोटी सी बात – सुनील गुप्ता
( 1 ) करें न छोटे मुँह.., कभी अदनी सी बात !! ( 2 ) बनें न मियाँ मिट्ठू.., करके…
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श्रमिक दिवस – डॉ अनमोल कुमार
ईंट पर ईंट धरता है, महल खड़े हो जाते हैं। पर उसके घर की छत, बरसात में टपक जाती है।…
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मैं बेवकूफ हूँ (हास्य) -सुधीर श्रीवास्तव
utkarshexpress.com – आज सुबह-सुबह मित्र रमराज ने मुझे फोन करके कहा- प्रभु! आप बेवकूफ हैं। मैंने हँसते हुए पूछा -यह…
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कविता (श्रमिक दिवस) – जसवीर सिंह हलधर
दुनिया की सारी इमारतें सब श्रम कौशल की माया है । बजरी पत्थर को ढो ढो कर टूटी श्रमिक की…
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आइकू – डॉ सुधीर श्रीवास्तव
पुस्तकें फैलाती हैं ज्ञान का प्रकाश हम सबके जीवन में। साथी होती पुस्तकें हमारे जीवन की सबसे सच्ची दोस्त होतीं।…
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गजल – नीलकान्त सिंह नील
सबके सब वे पराए हुए। जो भी हमारे अपने रहे।। दोस्त यार भाई बहन नहीं धुएँ को गले लगाए रहे।।…
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ग़ज़ल – रीता गुलाटी
माँ सुनाती आज लोरी,बस सुलाने के लिये, प्यार से देती है थपकी,दुख मिटाने के लिये। आ बिठा लूँ दिल…
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