मनोरंजन
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प्रेम – कालिका प्रसाद सेमवाल
प्रेम से पावन धरा, प्रेम से गुलशन हरा। प्रेम से महकी हैं सांसें, प्रेम है कुंदन खरा।। प्रेम खुशियों का…
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बैठने के लिए ठेके बन गये ठांव है – हरी राम यादव
शराब के शबाब में डूब रहे गांव हैं, बैठने के लिए ठेके बन गये ठांव है। जिसे देखो शाम को…
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सामाजिक लोकतन्त्र के ताना-बुना – श्याम किशोर
बाबा साहेब को समझना केवल इतिहास पढ़ना नहीं, बल्कि भारत की आत्मा को समझना है. वे किसी एक जाति, वर्ग…
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रंग – सविता सिंह
रंग लेना चाहती हूँ मैं अपने ही चेहरे को, ताकि असली रंग मन का कोई पढ़ न ले। अभी तो…
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भोजपुरी पौराणिक होली – श्याम कुंवर भारती
काशी में खेले होली महादेव काशी में खेले होली। श्मशान भभूत भरी धुरी उड़ावे , नाचत गावत भूत धूम मचावे।…
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होली – सुनील गुप्ता
( 1 ) है रंगोत्सव ये होली का पावन., रंगा है मन !! ( 2 ) छाया है हर्ष प्रेम…
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फागुनी बहार – वैशाली रस्तोगी
#फागुनी बहार आई है,रंगों का संदेशा लाई है । सूखी डालियों पर भी उसने गीत सजायाहै । पीली-पीली सरसों हँसकर…
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कहानिका हिंदी पत्रिका का होली कवि सम्मेलन धूमधाम से हुआ संपन्न
utkarshexpress .com बोकारो (झारखंड) – कहानिका हिंदी पत्रिका बोकारो झारखंड का आज इस्पात क्लब मेकॉन कॉलोनी , डोरंडा,रांची , झारखण्ड…
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ग़ज़ल – रीता गुलाटी
तुम से मिल दिल खिला होगा, प्यार मेरा सदा जवां होगा। यार हर हाल बस मिलन होगा, फिर खुशी…
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रंगों में छुपा सच्चा प्यार – रोहित आनंद
फागुन की आई मधुर बहार, रंगों से सजा है सारा संसार। नदी किनारे बैठी राधा प्यारी, मन में छुपाए प्रीत…
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