मनोरंजन
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डूब गई है वोट – डॉ. प्रियंका सौरभ
सेल्फी वाली भेंट ने, कर दी ऐसी चोट। मुद्दों वाली नाव की, डूब गई है वोट।। नेताओं की भीड़…
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प्रिय पावस – डॉ क्षमा कौशिक
प्रिय पावस ऋतु तेरा आना। मन में नव आशा भर जाना।। हलधर की प्यासी नजरों को, सजल हर्ष-जल से…
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उदास मन – रेखा मित्तल
सांझ ढलते ही शहर की खामोशी सूने फ्लैट में अपने ही रचे एकांत दिन भर की व्यस्तता का दबाव घर…
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13 वर्षिय बच्ची की आखिरी सांस – -किरण मिश्रा
सबसे बड़ा सवाल अभी भी क्या उसको इंसाफ मिल पाएगा? या अंधों के बस्ते में फिर से इंसाफ दबा दिया…
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तुम पास हो, लगता नहीं- प्रतिभा जैन
तुम पास हो मेरे, अब लगता नहीं। रूठे हो, मनाने का दिल नहीं। वो पहली मुलाक़ात जैसी, अब बात नहीं।…
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बँटवारे की आग – डॉ.सत्यवान सौरभ
घर-आँगन की छाँव में, पलते प्रेम-विचार। लोभ लगा जब मन कहीं, टूटे सब परिवार॥ माटी केवल खेत की, नहीं हृदय…
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वनाकाम कर्नाटक इकाई की काव्य गोष्ठी मधु माहेश्वरी की पुस्तक ‘क़लम और कॉलम’ का भव्य विमोचन
utkarshexpress.com बेंगलुरु:: वरिष्ठ नागरिक काव्यमंच, कर्नाटक इकाई की जुलाई माह की मासिक काव्यगोष्ठी एवं पुस्तक विमोचन कार्यक्रम अत्यंत गरिमापूर्ण माहौल में…
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ग़ज़ल – रीता गुलाटी
ढू़ँढ़ता सहरा मे वो शबऩम़ रहा, कीमती माने उसे हरदम रहा। छोड़कर बेटा गया म़ात़म़ रहा, दे ग़या आँखो…
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सनदी – सुनील गुप्ता
( 1 )” स “, सबके हितैषी और भरोसेमंद., होते हैं सनदी लेखाकार !! ( 2 )” न “, नमस्ते…
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धरती का संसार – डॉ. प्रियंका सौरभ
तालाबों की प्यास में, जीवन का विस्तार। बूंद-बूंद में बस रहा, धरती का संसार॥ बोतल वाले बेचते, पानी का…
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