आम( विधा- आइकू) – डॉ ओम प्रकाश मिश्र ‘मधुब्रत’

आइकू:- नवीन काव्य विधा है, यह हाइकु और फायकू के जोड़ पर ही नव प्रस्तावित विधा है। हाइकु में जहाँ 575 वर्ण होते हैं अर्थात प्रथम , द्वितीय और तृतीय पंक्तियों में वर्ण संख्या क्रमशः 5,7,5 होती है।
फायकू में वर्णों की जगह शब्द होते हैं उनकी निश्चित संख्या पंक्तियों में होती है। ठीक वैसे ही आइकू नव प्रस्तावित काव्य विधा में भी वर्णों के स्थान पर शब्दों की संख्या ही प्रभावी होती है इसमें चार पंक्तियों में शब्द संख्या क्रमशः 1,2,3,4 होती है।
उदाहरणार्थ एक सृजन
(1)
आम
बाग में
फलों से लदा
बहुत सुंदर दिखाई देता।
(2)
फल
आधे कच्चे
पहली बार देख
मन ललचा जाता है।
(3)
अमिया
छोटी -छोटी
सुंदर लगती हैं
चटनी बनाकर खाते लोग।
(4)
टिकोरे
कच्चे भी
खूब खाते लोग
पानी पीते मीठा लगता।
(5)
अमराई
सज गयी
टिकोरे लग गये
अमिया मन भायी है।
– डॉ ओम प्रकाश मिश्र ‘मधुब्रत’
उन्नाव उत्तर प्रदेश
मौलिक प्रस्तावक जनक आइकू




