मनोरंजन
जेठ माह के प्रथम बड़े मंगल – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी

जन्म लिया तिथि पूनम को अति पावन है शुभ चैत्र महीना।
मारुत के गृह थे जनमे बजरंग समान न और बली ना।
अंजनि मातु दुलार करें उनसा अति चंचल और कहीं ना।
बुद्धि व ज्ञान किया जब अर्जित नाम मिला हनुमान प्रवीना।1
ग्यारहवें अवतार धरे हनुमान बने शिव शंभु पधारे।
भक्त करें जब याद प्रभू सबके सगरे नित काज सँवारे।
मंगल को बस मंगल हो हर भक्त सदा हनुमंत पुकारे।
नाश करो हर एवक विपत्ति बनो जग रक्षक हे प्रभु प्यारे।2
– कर्नल प्रवीण त्रिपाठी, नोएडा, उत्तर प्रदेश




