मनोरंजन
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श्रमिक दिवस – डॉ अनमोल कुमार
ईंट पर ईंट धरता है, महल खड़े हो जाते हैं। पर उसके घर की छत, बरसात में टपक जाती है।…
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मैं बेवकूफ हूँ (हास्य) -सुधीर श्रीवास्तव
utkarshexpress.com – आज सुबह-सुबह मित्र रमराज ने मुझे फोन करके कहा- प्रभु! आप बेवकूफ हैं। मैंने हँसते हुए पूछा -यह…
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कविता (श्रमिक दिवस) – जसवीर सिंह हलधर
दुनिया की सारी इमारतें सब श्रम कौशल की माया है । बजरी पत्थर को ढो ढो कर टूटी श्रमिक की…
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आइकू – डॉ सुधीर श्रीवास्तव
पुस्तकें फैलाती हैं ज्ञान का प्रकाश हम सबके जीवन में। साथी होती पुस्तकें हमारे जीवन की सबसे सच्ची दोस्त होतीं।…
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गजल – नीलकान्त सिंह नील
सबके सब वे पराए हुए। जो भी हमारे अपने रहे।। दोस्त यार भाई बहन नहीं धुएँ को गले लगाए रहे।।…
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ग़ज़ल – रीता गुलाटी
माँ सुनाती आज लोरी,बस सुलाने के लिये, प्यार से देती है थपकी,दुख मिटाने के लिये। आ बिठा लूँ दिल…
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सितम मौसम के – सुनील गुप्ता
( 1 ) सितम मौसम के, क्या-क्या नहीं सहे हमने !! ( 2 ) भरम था हमें, गर्मी से पार…
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माता-पिता को समर्पित ‘विमला ज्ञान साहित्य मंच’ पर काव्य गोष्ठी संपन्न
utkarshexpress.com – माता-पिता/ सास-ससुर की स्मृतियों को जीवंत रखने के उद्देश्य से अंजू श्रीवास्तव/ सुधीर श्रीवास्तव द्वारा स्थापित ‘विमला ज्ञान साहित्य…
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मूक वार्तालाप – प्रवीण त्रिपाठी
दो मित्रों में हो रही, दिल से दिल की बात। भाषा का बंधन नहीं, भावों में निष्णात ।।1 दोनों हैं…
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आम( विधा- आइकू) – डॉ ओम प्रकाश मिश्र ‘मधुब्रत’
आइकू:- नवीन काव्य विधा है, यह हाइकु और फायकू के जोड़ पर ही नव प्रस्तावित विधा है। हाइकु में जहाँ…
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