मनोरंजन
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दोस्त – सुनील गुप्ता
( 1 ) मिले एक दोस्त.., समझो मिला खुशियों का खज़ाना !! ( 2 ) खिले दोस्ती से.., चले महके…
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दीपक नहीं तू – प्रदीप सहारे
दीपक नहीं तू, दीमक है, दीपक का काम है, अँधेरे में राह दिखलाना, भटके हुए को, जगह पर पहुँचाना। अपना…
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उपन्यास सम्राट प्रेमचंद – श्री ठाकुर
कुछ नाम समय की धूल में नहीं खोते, वे युगों की चेतना बनकर जीवित रहते हैं। प्रेमचंद ऐसा ही एक…
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मैंने देखा है जंतर-मंतर पर – प्रतिभा श्रीवास्तव
मैंने देखा है जंतर- मंतर पर असहमति को अपशब्दों का उत्सव बनते हुए। जंतर-मंतर की धरती पर जब राष्ट्र के…
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सावन – डॉ अनमोल कुमार
बूंद-बूंद बरसे घटा, धरती हरी-भरी, सावन आया झूम के, लाई खुशियां ढेरी। पीपल-पत्ते झूमते, झूले पड़े डार, राधा-कृष्णा गीत…
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बूँदे – सविता सिंह
यह बारिश की बूँदे फूलों की पंखुड़ियों पर औऱ पत्तों पर। कितनी खूबसूरती से, पत्तों ने उन बूँदों को अपने…
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सतगुरु आरती- सुधीर श्रीवास्तव
जय जय जय श्री सतगुरु देवा। सत्य भक्ति की दीजै मेवा।। हम बालक अबोध अज्ञानी। होती हमसे नित नादानी।। जो…
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फिर आ गया है सावन – डॉ जसप्रीत कौर फ़लक
फिर आ गया है सावन- आसमान से मोती झर रहे हैं, क्या तुमने उन्हें अपनी हथेलियों में सहेजा है? …
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पापा और नन्हा दोस्त – डॉ. प्रियंका सौरभ
पापा की बाहों में मिला, दुनिया भर का प्यार। नन्हा-मुन्ना संग लगे, खुशियों का त्योहार।। छोटी-छोटी आँख में, सपनों…
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आभासी दुनिया – सुनील गुप्ता
चिठ्ठी-पत्री अब लिखे गुजर गई है एक उमर ! पहले यही एक साधन था., हालचाल जानने का इधर !!1!! …
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