मनोरंजन
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गणगौर – सुनील गुप्ता
( 1 ) निकली गणगौर की सवारी, बैठ नंदी हाथी घोड़ा पालकी ! चहुँओर आनंद खुशियाँ पसरी., चलीं संग-साथ अनेकों…
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ग़ज़ल – रीता गुलाटी
दिल हमारा आज सच मे यार तेरा हो गया। यार इस उल्फत का दुश्मन ये जमाना हो गया। खूबसूरत…
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अनहद – सविता सिंह
सब कहते हैं!” कविता वही है जो विधान-संवत हो, जो छंदों में गढ़ी जाए, जहाँ मात्राएँ सही बैठें, हर स्थान…
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मैं गौरैया – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी
मैं गौरैया सुनो कहानी। मेरी आँखों में है पानी। मैं गौरैया जूझ रही हूँ। नीड़ पुराने खोज रही हूं। क्या…
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गर्मी के दिन – राजलक्ष्मी श्रीवास्तव
तपते सूरज ने आग उगाई, धरती जैसे तवा बन जाए। हवा भी जैसे रूठ गई हो, साँसों में अंगार समाए।…
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क़दर – सुनील गुप्ता
करे न जो हमारी क़दर, उसे छोड़ पीछे, बढ़ें आगे इधर !!1!! मिले न जो कभी मन से, फिर…
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तुम किस पथ पर हो – ललित प्रसाद जोशी
हर देव तूने पूजे होंगे, क्या पूजा कभी इंसान है? क्यों भटक रहा है अँधेरे में, जब तुझमें ही भगवान…
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कविता – ज्योती वर्णवाल
अपनों के साथ बिताए पल बीतते वक्त के साथ, यादें ही तो रह जाती हैं, वो हंसी, वो ठिठोली, अक्सर…
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अविश्वास है, तो है … (व्यंग्य) – सुधाकर आशावादी
utkarshexpress.com – मुझे अविश्वास प्रस्ताव लाना है। मुझे नहीं हमें कहो, तुम अकेले अविश्वास प्रस्ताव नहीं ला सकते, पर अविश्वास…
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तुम्हें छूना – रुचि मित्तल
किसी मंज़िल का मिल जाना नहीं बल्कि हर उस डर का चुपचाप उतर जाना है जिसे मैं रोज़ अपने भीतर…
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