साहित्य जगत अरुण धर्मावत जैसे साहित्यकार से है सुरक्षित – कुमार संदीप

utkarshexpress.com जयपुर – राजस्थान की राजधानी जयपुर निवासी साहित्यकार अरुण धर्मावत अपनी संवेदनशील लेखनी और रचनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से साहित्य जगत में निरंतर पहचान बना रहे हैं। स्नातक शिक्षा के साथ ग्राफिक डिजाइनिंग में डिप्लोमा प्राप्त अरुण धर्मावत साहित्य और कला दोनों क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनका चर्चित लघुकथा संग्रह “अभी कहना शेष है” पाठकों के बीच सराहा गया है, वहीं उनका कविता संग्रह भी शीघ्र प्रकाशन हेतु तैयार है।
अरुण धर्मावत की रचनाएँ राजस्थान पत्रिका, दैनिक भास्कर सहित विभिन्न राष्ट्रीय एवं स्थानीय समाचार पत्र-पत्रिकाओं में नियमित प्रकाशित होती रहती हैं। उनकी साहित्यिक प्रतिभा का प्रसारण आकाशवाणी जयपुर, पत्रिका टीवी एवं दूरदर्शन जयपुर जैसे प्रतिष्ठित मंचों से भी हो चुका है। अनेक साझा संकलनों में सहभागिता तथा विभिन्न साहित्यिक प्रतियोगिताओं में सम्मान प्राप्त कर उन्होंने साहित्य जगत में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। साहित्य, समाज और मानवीय संवेदनाओं को समर्पित उनकी लेखनी नई पीढ़ी के रचनाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है।




