158वें दिन भी जारी नर्सिंग अभ्यर्थियों का आंदोलन

देहरादून। नर्सिंग भर्ती को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। नर्सिंग एकता मंच उत्तराखंड के नेतृत्व में चल रहे धरना-प्रदर्शन के 158वें दिन और लगातार 23 दिनों से जारी आमरण अनशन के बीच सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई न होने पर अभ्यर्थियों ने परेड ग्राउंड स्थित पानी की टंकी पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वे कई महीनों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है। आंदोलन में शामिल कई अभ्यर्थियों की तबीयत भी बिगड़ चुकी है, इसके बावजूद शासन-प्रशासन की ओर से कोई गंभीर पहल नहीं की जा रही है।
अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनका संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक नर्सिंग भर्ती प्रक्रिया को नियमित और पारदर्शी नहीं बनाया जाता।
आंदोलनकारियों की मुख्य मांग है कि नर्सिंग भर्ती नियमावली को स्थायी रूप से वर्षवार लागू किया जाए, ताकि हर साल नियमित भर्ती सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही उन्होंने इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड्स (IPHS) के मानकों के अनुरूप पूर्व की तरह 2000 पदों पर वर्षवार भर्ती प्रक्रिया दोबारा शुरू करने की मांग भी उठाई।
नर्सिंग अभ्यर्थियों का कहना है कि राज्य के सरकारी अस्पतालों में नर्सिंग स्टाफ की लगातार कमी बनी हुई है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। ऐसे में सरकार को शीघ्र भर्ती प्रक्रिया शुरू कर युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ अस्पतालों में पर्याप्त स्टाफ की व्यवस्था करनी चाहिए।




