मनोरंजन
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विश्व पर्यावरण दिवस – राजलक्ष्मी श्रीवास्तव
पेड़ लगाओ, पेड़ बचाओ, धरती माँ का मान बढ़ाओ। हरियाली का करो सम्मान, तभी सुरक्षित होगा जहान। स्वच्छ पर्यावरण का…
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वृक्ष धरा के रखवाले – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी
वृक्षों से ही वन बनते हैं, धरती हरी भरी करते हैं। वर्षा के कारण हैं जंगल, जिससे होता सबका मंगल।1…
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जन-जागरण कविता – डॉ अनमोल कुमार
सुबह की पहली किरण बोली, चिड़ियों की चहक यूँ बोली – पेड़ लगाओ, जल बचाओ, पर्यावरण है अनमोल जी, प्रदूषण…
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फूल – रुचि मित्तल
फूल कभी शोर नहीं करते वे अपनी मौजूदगी का ऐलान खुशबू की धीमी रौशनी से करते हैं वे धरती की…
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कैसे ना हो काया कंचन – सविता सिंह
गुनगुनी दोपहर ढल चुकी, आ गयी सर्द सघन यामिनी| मृण्मयी नैनों में इंतजार लिए, प्रतीक्षारत विकल कामिनी| काले कुंतल अब…
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जलती धरती, पर्यावरण पर खतरा – डॉ अनमोल कुमार
धधक रही है धरती माता, लपटों में लिपटा आकाश। पेड़ कटे, नदियाँ सिमटीं, छीन लिया हमने उसका श्वास। हरे-भरे…
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ओजस के प्रांगण में मैथिली गीत की मधुर गूँज – sudhir shreevastav
utkarshexpress.com -आध्यात्मिक और साहित्यिक संस्था ओजस मागधी मंच के तत्वावधान में आभासी कार्यक्रम सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया.मंच के…
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मुक्ति – सुनील गुप्ता
( 1 ) मुक्ति का मार्ग है प्रभु समर्पण.., स्वयं अर्पण !! ( 2 ) कर्म प्रेरणा है ज्ञाता ज्ञान…
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बुरा जो देखन मैं चला (दृष्टिकोण) – डॉ. सुधाकर आशावादी
utkarshexpress,com – समाज में विचारों की सत्ता ही सर्वोपरि है। विचारों से ही अनुभूति को अभिव्यक्ति दी जा सकती है। सत्य…
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राष्ट्रीय पत्रकारिता दिवस ~ कविता बिष्ट
सत्य की मशाल जलाकर जो, जन-जन को राह दिखाते हैं। कलमकार बन सच्चे प्रहरी, लोकतंत्र मान बढ़ाते हैं॥ निष्पक्षता जिनकी…
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