मनोरंजन
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तेरा हाल बेहाल – श्याम कुंवर भारती
घर का पता न तेरा हाल खबर तुझसे मिले मुद्दत हुई। तेरी चाहत में बड़ी बेजार और बेजान मोहब्बत हुई।…
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ग़ज़ल – रीता गुलाटी
निकले थे सितमगर वो वफा हो नही सकता। कैसे करे राब्ता वो खुदा हो नही सकता। करते है इबादत…
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लोक साहित्य के लिए सम्मानित हुईं डॉ० मीनाक्षी मीनल
utkarshexpress.com मुजफ्फरपुर – 05 अक्टूबर 2026 – सरला श्रीवास सोशल कल्चरल रिसर्च फाउंडेशन की बैठक आज मालीघाट, मुजफ्फरपुर में संस्थान…
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रुपया – आचार्य अवधेश झा
कागज के टुकड़े से यूं हीं प्यार न होता! अगर भरा पुरा छोटा सा अपना परिवार न होता!! गगन तले…
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कैप्टन स्मित मच्छार – सुनील गुप्ता
( 1 ) कैप्टन स्मित बने सुपर हीरो.., हम सभी के !! ( 2 ) बहादुरी से सभी जान बचाई..,…
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अपने लाल बहादुर – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी
दो अक्टूबर जब भी आता, छुट्टी सभी मनाते हैं। इसके पीछे के कारण को, सब जन सदा भुलाते हैं। लाल…
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जब भी सितम्बर आता है – विनोद निराश
जब-जब सितम्बर आता है, एक अलग अनुभूति दिलाता है, मन पुलकित हो जाता है, सब कुछ नया सा हो जाता…
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श्रीविका – सुनील गुप्ता
बिटिया की बिटिया अति प्यारी श्रीविका ! है लक्ष्मी स्वरूपा…, सुंदर रुप मलिका !!1!! घर आँगन बगिया पुष्पों से महकी…
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सपना पूरा करने का सपना (व्यंग्य) – सुधाकर आशावादी
utkarshexpress.com – सपने यदि खुली आँखों से देखे जाएँ तो सपने नही कहलाते, केवल बुनी जाने वाली कल्पनाएँ कहलाते हैं।…
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पूर्णिकांश – श्याम कुंवर भारती
देव शिल्पी विश्वकर्मा – देव शिल्पी श्री विश्वकर्मा विश्व में शिल्प के निर्माता हैं। रचते नित्य नूतन जग में शिल्प…
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